छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान है। छत्तीसगढ़ की लगभग जनसंख्या कृषि एवं कृषि आधारित उद्योग धंधों पर आश्रित है। छत्तीसगढ़ की कुल भूमि के लगभग भाग पर कृषि कार्य किया जाता है। प्रदेश के लाख कृषक परिवारों में से लघु एवं सीमांत श्रेणी में आते हैं। वर्तमान में प्रदेश में सभी स्रोतों से लगभग क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, जिसमें से सर्वाधिक क्षेत्र सिंचाई जलाशयों/नहरों के माध्यम से सिंचित है, जो अधिकांशत: वर्षा पर आधारित है। छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल धान है, धान बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण छत्तीसगढ़ के मैदान को धान का कटोरा ( लगभग-2,0000 धान की प्रजातियाँ पाई जाती है कहते हैं। यहाँ कृषि जोतों का औसत आकार हेक्टेयर हैं। छत्तीसगढ़ में धान की फसल मुख्यत: छींटवा पद्धति से एवं अंशत: रोपा पद्धति से की जाती है।