CTET 2 Math and Science Jan 2015 Paper(HM)
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निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी
बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे
घुटन गमकती साँसों की आवाज सुनेगी।
कुंठाओं की टहनी छिन्न-भिन्न होगी फिर
आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,
चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी
कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं
खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे
आँखें अपनी आँखों को पहचान सकंगी।
निर्देश (प्र. सं. 91 से 96): कविता की पंक्तियाँ पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सबसे उचित उत्तर वाले विकल्प चुनिए।
चमकीली है सुबह आज की आसमान में निश्चय कल की सुबह और चमकीली होगी
बेचैनी की बाँहों में कल फूल खिलेंगे
घुटन गमकती साँसों की आवाज सुनेगी।
कुंठाओं की टहनी छिन्न-भिन्न होगी फिर
आशा अपने हाथों से अब कुसुम चुनेगी,
चटकीली है आज चहकती हुई चाँदनी
कल चंदा की किरण और चटकीली होगीं
खुल जाएँगे अब सबके दिल के दरवाजे
आँखें अपनी आँखों को पहचान सकंगी।
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Question : 91 of 150
Marks:
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काव्यांश में 'चमकीली सुबह' का आशय है
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